अहमदाबाद-उदयपुर रेलवे ट्रैक ब्लास्ट केस: आतंक फैलाने और बड़ी घटना को अंजाम देने की थी साजिश

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हाइलाइट्स

उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे ट्रैक ब्लास्ट केस अपडेट
6 सुरक्षा एजेंसियां जुटी है पूरी मामले की गहनता से जांच करने में
उदयपुर के जावर माइंस पुलिस थाने में दर्ज की गई है इसकी एफआईआर

उदयपुर. अहमदाबाद-उदयपुर रेलवे ट्रैक (Ahmedabad-Udaipur railway track blast case) पर ओडा के समीप हुए विस्फोट के मामले की जांच और तेज कर दी गई है. इस केस को लेकर सोमवार को आईबी के ज्वाइंट डायरेक्टर सहित एनआईए, एनएसजी, एटीएस, (IB, NIA, ATS) रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमों ने मौके से साक्ष्य जुटाए. इस दौरान तमाम सुरक्षा एजेंसियों के बड़े अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे. घटना की तह में जाने के लिए इलाके के कौने-कौने की गहन जांच पड़ताल की गई. उसके बाद अब मौके से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है. सुरक्षा एजेंसियां अब आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है.

इस मामले को लेकर उदयपुर के जावर माइंस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. इसमें रेलवे एक्ट 1989 की धारा 150,151 और 285 भादसं, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 3(ए) और विधि विरुद्ध क्रिया कलाप (निवारण) अधिनियम 1967 की धारा 16 और 18 में मुकदमा दर्ज किया गया है.

आतंक फैलाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार उदयपुर-अहमदाबाद नए रेलवे ट्रैक पर विस्फोट कर एक बड़ी साजिश को अंजाम देने की कोशिश की गई थी. गनीमत रही कि कोई बड़ी जनहानि से होने पहले ही सतर्कता दिखाते हुए ट्रेनों के आवागमन को रोक दिया गया था. फिलहाल रेलवे प्रबंधन ने ट्रैक को दुरुस्त कर दिया है और सोमवार सुबह से ही आम ट्रेनों के लिए उसे खोल दिया गया है. लेकिन जावर माइंस थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में रेलवे ने माना है कि जिस तरह का विस्फोट किया गया यह देश की सुरक्षा को खतरे में डालकर आतंक फैलाने और जनहानि के उद्देश्य से किया गया है.

आईबी के ज्वाइंट डायरेक्टर भी मौके पर पहुंचे
इसी मसले को ध्यान में रखते हुए आज आईबी के ज्वाइंट डायरेक्टर भी मौके पर पहुंचे. इस दौरान एनआईए के वरिष्ठ अधिकारी भी साथ में मौजूद रहे. वहीं एटीएस के आईजी और स्थानीय एटीएस की टीम भी मौके पर रही. उदयपुर रेंज के आईजी प्रफुल्ल कुमार की मौजूदगी में सभी एजेंसी की टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं और उनके आधार पर जांच शुरू कर दी है. उदयपुर रेंज के आईजी प्रफुल्ल कुमार ने कहा कि सभी एजेंसियों ने मौके से साक्ष्य जुटाने का काम पूरा कर लिया है. अब इन एजेंसीज के ओपिनियन का इंतजार किया जाएगा और उसके आधार पर ही इस हादसे के कारण और गंभीरता का अनुमान लगेगा.

बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश
आईजी प्रफुल्ल कुमार का कहना है कि यह गंभीर प्रकार का अपराध है. इसके लिए किसी तरह की जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए. दूसरी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उदयपुर एसपी विकास शर्मा के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया है. टीमें अलग-अलग जगह दबिश देते हुए आरोपियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है. मौके की स्थिति को यदि देखें तो एक बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश नजर आ रही है. यहां जिस तरह के डेटोनेटर उपयोग किए गए हैं उससे साफ है कि यदि विस्फोट के समय ब्रिज से ट्रेन जा रही होती तो एक बड़ी घटना घटित हो सकती थी. एनएसजी के एक्सप्लोसिव एक्सपर्ट ने भी मौके पर आकर स्थिति को देखा है और जरूरी साक्ष्य जुटाकर वे अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं.

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