उत्तराखंड के किसानों को सहकारिता विभाग दे रहा विदेश जाने का मौका, जानें वजह

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हाइलाइट्स

किसानों को उन्नत खेती के गुर सीखने के लिए विदेशों में विजिट करवाया जाएगा.
उत्तराखंड के हर जिले से एक-एक प्रगतिशील किसानों की लिस्ट मंगवाई गई है.

उत्तराखंड. सहकारिता विभाग अब किसानों को विदेश भेजने की तैयारी में है. डिपार्टमेंट ने सभी सीडीओ, डीएम को अपने-अपने जिले से एक-एक  प्रगतिशील किसान की लिस्ट देने को कहा है, जो अपने अपने फील्ड में अच्छा काम कर रहे हैं. ऐसे किसानों को उन्नत खेती के लिए विदेशों में विजिट करवाया जाएगा, साथ ही 10-10 किसानों को हिमाचल प्रदेश,  लेह, लद्दाख, राजस्थान जैसे प्रदेशों में विभागीय खर्चे पर वहां के मॉड्यूल को समझने के लिए भेजा जाएगा.

इसके अलावा बद्री घी को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रपोजल बनाने के भी निर्देश दिए.
सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि सेब, डेयरी, भेड़ बकरी, मछली के 10- 10 प्रगतिशील  किसानों को अध्ययन के लिए कश्मीर, हिमाचल, गुजरात , गोवा,  आंध्र प्रदेश , राजस्थान, लेह, लद्दाख भेजा जाएगा, ताकि किसान वहां का अध्ययन कर अपने यहां और प्रगति कर सकें.

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उन्होंने कहा कि 2019 से राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना 4 विभागों  द्वारा किसानों की आमदनी दोगुनी कर रही है. इसके अच्छे नतीजे अब सामने आ रहे हैं. मंत्री डॉ रावत ने कहा कि परियोजना कोऑपरेटिव कलेक्टिव फार्मिंग भी कर रही है जौनपुर और चंपावत में सब्जी और अदरक की पैदावार  किसान अच्छा कर रहे हैं.

उन्होंने डेयरी विभाग को निर्देश दिया है कि बद्री गाय पर विशेष रूप से फोकस किया जाए 100 करोड़ रुपए की बद्री गाय को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव और प्रोजेक्ट बनाए जाएं. परियोजना निदेशक डेयरी ने बताया कि गत वर्ष डेयरी को 22 करोड़ रुपए मिले थे. इस वर्ष ₹13 करोड़ में से ₹3 करोड़ 26 लाख  खर्च हो गए हैं. उल्लेखनीय है की बद्री की महानगरों में 2500  किलो बिक रहा है इसकी की बहुत डिमांड बढ़ी है.

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