उद्योगों की आज की जरूरत के लिए डिप्लोमा कोर्स शुरू करने जा रहा राजस्थान, युवाओं को मिलेगा रोजगार

0
21

हाइलाइट्स

इंजीनियरिंग-पॉलिटेक्निक कॉलेजों में युवाओं को रोजगार देने वाले डिप्लोमा कोर्स शुरू करने जा रहा राजस्थान.
पॉलिटेक्निक व इंजीनियरिंग कॉलेजों में मल्टी एंट्री, मल्टी एग्जिट, मल्टी डिसप्लिनरी योजना लागू कर दी गई है.

जयपुर. आज के दिनों में पढ़े-लिखें बेरोजगार भी नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं. लेकिन, अब समय की जरूरत को देखते हुए राजस्थान का तकनिकी शिक्षा विभाग राजस्थान के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में एक नवाचार करते हुए मल्टी एन्ट्री, मल्टी एक्जिट सिस्टम शुरू करने जा रहा है. इसके साथ ही उद्योगों की आज से लेकर वर्तमान तक की जरूरतें पूरी कर युवाओं को रोजगार देने वाले डिप्लोमा कोर्स शुरू करने जा रहा है. ऐसा करना वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बनने जा रहा है.

राजस्थान के तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग की मानें तो आगामी सत्र से प्रदेश के पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों में मल्टी एंट्री,मल्टी एग्जिट, मल्टी डिसप्लिनरी योजना लागू कर दी जाएगी. उन्होंने कहा कि इससे उन छात्र-छात्राओं को लाभ होगा, जिनकी पढ़ाई किसी कारणवश बीच में ही छूट गई और वे फिर से दाखिला लेकर कोर्स पूरा करना चाहते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि जहां तक छात्र पहले पढ़ाई की थी, वे उसके अगले स्तर पर फिर से दाखिला ले सकेंगे.

राजस्थान: जिला डूंगरपुर के 741 वर्ष, स्थापना दिवस पर जानें कुछ रोचक तथ्य और इतिहास

तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. गर्ग ने कहा कि इस योजना के तहत ऐसे युवा, जो किसी भी क्षेत्र में काम कर रहे हैं; और दसवीं पास हैं, वे अपनी पसंद के विषय में क्षमता संवर्धन के लिए पॉलिटेक्निक कोर्स में एडमिशन ले सकेंगे. कोर्स में दाखिले के लिए दसवीं के प्राप्तांक को 60%,  कार्य अनुभव को 20% तथा तकनीकी जानकारी को 20% का वेटेज दिया जाएगा. इन विद्यार्थियों के सफलतापूर्वक कोर्स खत्म करने पर उन्हें शैक्षणिक क्रेडिट सर्टिफिकेट और स्किल सर्टिफिकेट दिए जाएंगे, जिससे आगे उन्हें रोजगार प्राप्त करने में आसानी होगी और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे.

तकनीकी, शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि इंजीनियरिंग तथा पॉलीटेक्निक में ऐसे पाठ्यक्रम डिजाइन किये जाएं, जो उद्योगों की मांग के अनुरूप हों. उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों की संख्या से ज्यादा उनकी गुणवत्ता महत्त्वपूर्ण है. पाठ्यक्रमों में थ्योरी से ज्यादा प्रेक्टिकल भाग हो. साथ ही कोर्स ऐसे हों जो लोग अपनी आजीविका के लिए कर रहे कामों के साथ-साथ कर सकें. उन्होंने, कमेटी बनाकर पाठ्यक्रमों के प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिये.

तकनीकी शिक्षा विभाग के द्वारा समय की जरूरत के अनुसार तैयार किए जा रहे कोर्स अगर समय पर तैयार होकर राज्य में शुरू होंगे तो वाकई बेरोजगार युवाओं को संबल मिलेगा और उद्योगों को नई एनर्जी वाले नए युवा मिलेंगे.

Tags: Education Department, Education Minister, Jaipur news, Rajasthan news