चिकुनगुनिया और डेंगू के मरीज घर पर हो सकते हैं ठीक, आयुष की इन गाइडलाइंस को करें फॉलो

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नई दिल्‍ली. मच्‍छरों के काटने से पैदा हो रहे डेंगू और चिकुनगुनिया के मरीजों की संख्‍या इस साल तेजी से बढ़ी है. जहां डेंगू के मरीज अस्‍पतालों में भर्ती हो रहे हैं वहीं चिकुनगुनिया के संदिग्‍ध मरीज भी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. भारत सरकार के नेशनल सेंटर फॉर वेक्‍टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल 31 अक्टूबर तक पूरे देश में एक लाख 10 हजार से ज्‍यादा डेंगू के मामले रिपोर्ट हो चुके हैं वहीं 86 लोगों की डेंगू की वजह से मौत हो गई है. वहीं चिकुनगुनिया के 5320 कन्‍फर्म मामले दर्ज किए गए हैं.

हालांकि स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों की मानें तो डेंगू की वजह से मरीजों की मौत भी हो जाती है लेकिन अधिकांश मामलों में डेंगू के मरीजों को घर पर देखभाल करके भी ठीक किया जा सकता है. डेंगू को लेकर आयुष मंत्रालय की ओर से गाइडलाइंस भी जारी की गई हैं. वहीं चिकुनगुनिया को लेकर आयुष के ही सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंसेज की ओर से गाइडलाइंस जारी की गई हैं. गाइडलाइंस के अनुसार आहार और प्राकृतिक चिकित्‍सा, योग और आयुर्वेद के उपायों को अपनाकर बीमारी को घर पर ही ठीक किया जा सकता है.

डेंगू होने पर ये काम करें लोग
आयुष मंत्रालय की ओर से बताए गए उपचार के तरीकों में प्राकृतिक चिकित्‍सा और योग के माध्‍यम से डेंगू मरीज का इलाज करने के लिए गाइडलाइंस दी गई हैं. इनमें बताया गया है कि डेंगू होने पर घबराने की जरूरत नहीं है. प्राकृतिक चिकित्‍सा या नेचुरोपैथी के माध्‍यम से मरीज को घर पर रखकर भी डेंगू का पर्याप्‍त इलाज (Dengue Tratment) किया जा सकता है.

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बुखार को नियंत्रित करना जरूरी
इस चिकित्‍सा के अनुसार बुखार शरीर के लिए अलार्मिंग लक्षण की तरह है जो यह बताता है कि शरीर के अंदर कुछ गलत हो रहा है. इसे सही करने की जरूरत है. डेंगू बुखार में शरीर का तापमान (Body Temperature) सबसे बड़ी वजह होता है. लिहाजा इसे संतुलित रखना जरूरी है. इसके लिए बर्फ या ठंडे पानी के पैकेट को मरीज के माथे और पेट पर बारी बारी से रखें. ऐसा करीब 20 मिनट तक करें. इस प्रक्रिया को हर दो घंटे में दोहराते रहें. ऐसा तब तक करें जब तब कि मरीज का बुखार उतर न जाए और वह सामान्‍य तापमान पर न आ जाए. इसके अलावा मरीज के पैरों को गर्म पानी में रखने के साथ ही उसके माथे पर गीली पट्टी रखें. इससे शरीर का तापमान कम होने लगेगा.

व्रत रखने से मिलेगा लाभ
आयुष की ओर से डेंगू होने पर मरीज को व्रत (Fast) रखने से फायदा होता है. यह डेंगू के असर को घटाने वाला उपचार है. हालांकि सिर्फ सादा पानी पीकर रखा गया व्रत नुकसानदेह हो सकता है. व्रत में मरीज फलों का जूस या कोई भी लिक्विड डाइट (Liquid Diet) ली जा सकती है.

सादा भोजन और पानी की मात्रा ज्‍यादा दें
खाने में सुपाच्‍य खुराक लेना जरूरी है. हालांकि व्रत के दौरान कोई भी ऐसा भोजन नहीं करना है जिसे पचाना मुश्किल हो. इसके अलावा सादा गुनगुना पानी ज्‍यादा से ज्‍यादा मात्रा में पीएं. फलों और सब्जियों के जूस के साथ ही नारियल पानी, नीबू और शहद डालकर पानी भी राहत देता है. मरीज को गेंहू की घास का जूस निकालकर भी दे सकते हैं. इससे मरीज को जल्‍दी आराम होगा.

ये योगासन हैं फायदेमंद
आयुष की गाइडलाइंस के अनुसार डेंगू में मरीज को नाड़ीशुद्धि या अनुलोम विलोम प्राणायाम (Anuloma-Viloma), शीतली और शीतकारी व भ्रामरी प्रणायाम कराना लाभदायक रहेगा. दिन में दो बार इन्‍हें नौ बार करना है. मंत्रालय का कहना है कि ये उपचार दवाओं के साथ भी किया जा सकता है लेकिन अगर बुखार बहुत तेजी से न बढ़ रहा हो तो दवा न लेना और भी बेहतर है.

चिकुनगुनिया में करें इन चीजों का पालन
सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंसेज की ओर से चिकुनगुनिया प्रबंधन के लिए जारी गाइडलाइंस के अनुसार यह बीमारी जानलेवा नहीं है. इसमें मरीज को परेशानी तो होती है लेकिन जान जाने का खतरा नहीं रहता. हालांकि शरीर के जोड़ों में दर्द एक बड़ी समस्‍या बनकर उभरता है.

चिकुनगुनिया होने पर सिर्फ लक्षणों का इलाज किया जाता है. ऐसे में आयुर्वेदिक उपायों के रूप में बुखार होने पर गुडूची यानि गिलोय लेना काफी फायदेमंद होता है. इसके साथ ही अश्‍वगंधा, यष्‍टीमधु और आमलकी लेने से फायदा होता है. वहीं वेक्‍टर कंट्रोल के लिए तुलासी, हरितकी, अपराजिता, निम्‍बा आदि फायदेमंद हैं.

ये आहार लेना जरूरी
वहीं सीसीएफआरएस की गाइडलाइंस के अनुसार चिकुनगुनिया होने पर हमेशा घर का बना हल्‍का, गर्म और ताजा खाना खाएं. ज्‍यादा मात्रा में गुनगुना पानी या जूस पीएं और बार बार पीएं. इनमें नींबू पानी, नारियल पानी, मौसमी या अन्‍य फलों का जूस ले सकते हैं. इसके अलावा खाने में अदरक और हल्‍दी की मात्रा बढ़ा दें. इस दौरान कोल्‍ड ड्रिंक्‍स, चाय, कॉफी आदि अन्‍य पेय पदार्थ न लें. बासी खाना न खाएं. साफ-सफाई का विशेष ध्‍यान रखें.

मच्‍छरों से बचाव के लिए मच्‍छरदानी या अन्‍य किसी भी प्रकार के उपायों को अपना सकते हैं. मरीज के आसपास साफ-सफाई रखें. धुले हुए कपड़े पहनाएं. इन उपायों से घर पर ही चिकुनगुनिया के मरीजों को ठीक किया जा सकता है.

Tags: Ayushman Bharat scheme, Chikungunya, Dengue, Dengue fever