चूरू में पंछियों के लिए 340 दरवाजों वाला आसमान छूता स्थायी ठिकाना, हर मंजिल पर 38 फ्लैट

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रिपोर्ट : नरेश पारीक

चूरू. प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे परिंदों का चूरू में स्थायी आशियाना है. जी हां. जिला मुख्यालय के सालों पुराने बैकुंठ धाम में इन परिंदों के लिए एक बहुमंजिला इमारत है. यहां बड़ी संख्या में परिंदों के फ्लैट हैं. चूरू की रेलवे कॉलोनी स्थित बैकुंठ मुक्तिधाम में भामाशाह की मदद से बनकर तैयार हुई यह बहुमंजिला इमारत संभवतः पक्षियों के लिए जिला मुख्यालय का पहला ठिकाना है. इसके बनने में करीब 5 लाख रुपए की लागत आई है.

रेलवे कॉलोनी के रामेश्वर प्रसाद नायक ने बताया कि रेलवे के बैकुंठ मुक्तिधाम में पक्षियों के लिए बना यह बहुमंजिला फ्लैट करीब 38 फीट ऊंचा है. यहां विशेष बात यह है कि प्रत्येक मंजिल पर 38 फ्लैट हैं. उन्होंने बताया कि इस बहुमंजिला इमारत में पक्षियों के आने-जाने के लिए 340 दरवाजे हैं. जिला मुख्यालय के ही भामाशाह सीएम सारस्वत के आर्थिक सहयोग से पक्षियों के लिए इस बहुमंजिला इमारत का निर्माण हुआ है.

प्राकृतिक आपदाओं से बचाती है इमारत

चूरू में बना पक्षियों का आशियाना न सिर्फ पक्षियों को प्राकृतिक आपदा से बचाता है. बल्कि पक्षियों के रहने का एक स्थायी ठिकाना भी है. मॉनूसन में पेड़-पौधों पर रहनेवाले इन पक्षियों पर आकाशीय बिजली गिरने के खतरे के साथ ही अंधड़ और तूफान में पेड़ गिरने और टूटने का भी खतरा रहता है. ऐसे में इन पक्षियों का अस्थायी आशियाना मौसम की मार भी झेलता है और इनका घर उजड़ जाता है.

सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहतर

चूरू के रेलवे बैकुंठ मुक्तिधाम में पक्षियों के लिए बना यह बहुमंजिला इमारत सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहतर है. टॉवर नुमा गोलाकार आकृति में बना यह फ्लैट जमीन से 15 फीट ऊंचाई के बाद बना है. ऐसे में फ्लैट में रहनेवाले पक्षियों को जंगली जानवरों से भी खतरा नहीं है और वह फ्लैट में आराम से सुरक्षित रह सकते हैं. फ्लैट के अंदर मार्बल का उपयोग किया है. बहुमंजिला इमारत की मजबूती का भी यहां ख्याल रखा गया है. बहुमंजिला इमारत के टॉप पर मोर की प्रतिमा भी लगाई गई है जो इसकी खूबसूरती को चार चांद लगाती है.

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