जानिए क्या नटराजासन अभ्यास और क्या है इसे करने की सही विधि और हेल्थ बेनिफिट्स

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हाइलाइट्स

नटराजासन एक महत्वपूर्ण योग क्रिया है, जिसे भगवान शिव के नर्तक रूप से लिया गया है.
नटराजासन करने के लिए सबसे पहले आपको ताड़ासन में सीधे खड़े हो जाना है.

Natrajan Yoga: नटराजासन एक महत्वपूर्ण योग क्रिया है, जिसे  भगवान शिव के नर्तक रूप से लिया गया है. नटराजासन एक बेहतरीन स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज है, जिसका नियमित अभ्यास करने से बॉडी स्ट्रक्चर बेहतर होता है और बॉडी बैलेंस बढ़ता है. नटराजासन का अभ्यास करने से पैरों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और ये शरीर के मेटाबॉलिज्म लेवल को नेचुरली बढ़ाने में सहायक है. नटराजासन एक डीप बैकबेंड एक्सरसाइज है, जिससे कई तरह की बैक प्रॉब्लम्स से छुटकारा पाया जा सकता है. आजकल की बदलती जीवनशैली और भागदौड़ भरी दिनचर्या में योग करना बेहद जरूरी है, योगाभ्यास करने से आप कई गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम्स के खतरे को कम कर सकते हैं. इसीलिए आज हम आपके लिए नटराजासन करने की सही विधि और हेल्थ बेनिफिट्स लेकर आए हैं. आइए जानते हैं,

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नटराजासन के हेल्थ बेनिफिट्स
स्टाइल क्रेज डॉट कॉम के मुताबिक 
नटराजासन का नियमित अभ्यास करने से कई शानदार स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं.
-नटराजासन चेस्ट, हिप्स और पैरों की मांसपेशियों को मजबूत कर स्ट्रेंथ बढ़ता है.
-नटराजासन शरीर के मेटाबॉलिज्म लेवल को नेचुरली बढ़ाने में सहायक है, जिससे ये वेट लॉस में काफी कारगर माना जाता है.
-नटराजासन एक बेहतरीन स्ट्रेचिंग क्रिया है, जिससे एब्डोमिनल ऑर्गन और पैरों को अच्छा स्ट्रेच मिलता है.
-नटराजासन शरीर के पोस्चर को बेहतर करने के साथ बॉडी बैलेंस को बढ़ाता है.
-नटराजासन डाइजेशन को बेहतर करने में सहायक है.
-नटराजासन का अभ्यास हर रोज करने से स्ट्रेस दूर होता है और मन शांत होने के साथ फोकस बढ़ता है.
-नटराजासन से शरीर फ्लेक्सिबल  रहता है और हल्का महसूस होता है.\

नटराजासन का अभ्यास करने की सही विधि
नटराजासन करने के लिए सबसे पहले आपको ताड़ासन में सीधे खड़े हो जाना है.
ताड़ासन में खड़े होने के बाद आपको लंबी गहरी सांस भरनी है और अपने बाएं पैर के घुटने को पीछे की ओर लाकर दाएं पैर पर वजन रखें और बाएं हाथ से पैर को पकड़ लें.
इस पोजीशन में कुछ देर रुक कर बैलेंस बना लें और बाएं पैर को अपनी क्षमता के अनुसार ऊपर उठाए रखें.
इसके बाद अपनी अपनी बॉडी को सामने की तरफ झुकाएं और बैलेंस बनाने की कोशिश करें. आपको 15 से 30 सेकंड तक इसी पोजीशन में बने रहना है.
धीरे-धीरे अपनी पोजीशन चेंज करने के बाद दूसरे पैर के साथ क्रिया को दोहराएं.
नटराजासन करते समय किसी एक बिंदु पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें ऐसा करने से आप लंबे समय तक नटराजासन में रुक सकते हैं. 

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नटराजासन करते समय ख्याल रखें
अगर आपको लो ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो नटराजासन का अभ्यास करने से बचें.
अगर आपको बैक पेन की समस्या है, तो नटराजासन का अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें.

Tags: Health, Lifestyle