प्रेग्नेंसी में Uric Acid लेवल को बिगड़ने न दें, इन आसान टिप्स से करें कंट्रोल

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हाइलाइट्स

यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए डाइट और एक्‍सरसाइज पर ध्‍यान दें.
यूरि‍क एसिड बढ़ने पर डायबिटीज और अर्थराइटिस की समस्‍या हो सकती है.

How to Control Uric Acid In Pregnancy-  शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना कई समस्‍याओं को बढ़ावा दे सकता है. खासकर प्रेग्‍नेंसी में यूरिक एसिड का बढ़ना मां और बच्‍चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है. प्रेग्‍नेंसी के दौरान यूरिक एसिड लेवल का हाई होना डायबिटीज के खतरे को भी दोगुना कर सकता है. हालांकि प्रेग्‍नेंसी में सीरम यूरिक एसिड के स्‍तर में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है. ये उतार-चढ़ाव हार्मोनल और किडनी में ब्‍लड फ्लो के परिवर्तन के कारण होते हैं. प्रेग्‍नेंसी में यूरि‍क एसिड का स्‍तर बढ़ना हाई ब्‍लड प्रेशर, हाईपरटेंशन और प्रीक्‍लेम्‍पसिया जैसी समस्‍याओं का संकेत हो सकता है. इस दौरान यूरिक एसिड के स्‍तर को कंट्रोल करने के लिए लाइफस्‍टाइल में सुधार किया जा सकता है ताकि यूरिक एसिड बढ़ाने वाली अन्‍य हेल्‍थ प्रॉब्‍लम्‍स को कंट्रोल किया जा सके.

प्रेग्‍नेंसी में कितना होना चाहिए यूरिक एसिड?
प्रेग्‍नेंसी में हर महिला की बॉडी अलग-अलग तरीके से रिएक्‍ट करती है. मॉम जंक्‍शन डॉट कॉम के अनुसार प्रेग्‍नेंसी की पहली तिमाही में यूरिक एसिड की सीरम कॉन्‍सेंनट्रेशन लगभग 31.1 mg/L रह सकती है. हालांकि प्रेग्‍नेंसी बढ़ने के साथ यूरिक एसिड का स्‍तर भी बढ़ता है. तीसरी तिमाही में लगभग 46.7 mg/L तक पहुंच सकता है. प्रेग्‍नेंसी में यूरिक एसिड का इतना स्तर सामान्‍य माना जाता है.

प्रेग्‍नेंसी में हाई यूरिक एसिड लेवल होने पर रिस्‍क
– समय से पहले बच्‍चे का जन्‍म होना.
– मिसकैरेज होना.
– भ्रूण का कम विकास और जन्‍म के समय कम वजन होना.
– कई बार हाई यूरिक एसिड हाइपरटेंसिव प्रेग्‍नेंसी का कारण बना सकता है.
– शरीर के अन्‍य अंगों पर प्रभाव पड़ सकता है.
– अधिक यूरिक एसिड होने पर ज्‍वॉइंट्स में पेन हो सकता है.

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कैसे करें प्रेग्‍नेंसी में यूरिक एसिड को कंट्रोल
हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल को बनाए रखकर बढ़े हुए यूरिक एसिड के स्‍तर को कंट्रोल किया जा सकता है. प्रेग्‍नेंसी के दौरान हाई यूरिक एसिड के स्‍तर से बचने के लिए ये उपाय अपनाए जा सकते हैं.
– अच्‍छी डाइट और एक्‍सरसाइज से वजन को करें कंट्रोल.
– हेल्‍दी डाइट चार्ट के साथ डायबिटीज को नियंत्रण में रखा जा सकता है. साथ ही चीनी और कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करें.
– सब्जियों और कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्‍ट का सेवन करें. रेडमीट, पोल्‍ट्री, ऑयली फिश और सीफूड जैसे प्‍यूरीनयुक्‍त डाइट से बचें.
– प्रेग्‍नेंसी में फाइबर का सेवन अधिक करें.
– य‍दि किडनी से संबंधित कोई समस्‍या नहीं है तो लिक्‍विड चीजों का सेवन बढ़ा दें.

प्रेग्‍नेंसी के दौरान यूरिक एसिड बढ़ना एक सामान्‍य प्रक्रिया है लेकिन लाइफस्‍टाइल में बदलाव करके इसे कंट्रोल किया जा सकता है. अधिक समस्‍या होने पर चिकित्‍सक से संपर्क करें.

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Tags: Health, Lifestyle, Pregnancy