बचपन में ऊंट की लात से कंधे में हुआ था फैक्चर, 40 वर्ष की उम्र में डॉक्टरों ने अब ऐसे दिलाई राहत

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मुकुल परिहार

जोधपुर. राजस्थान में मेडिकल हब के रूप में उभर रहे जोधपुर के डॉक्टर संपूर्णानंद मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महात्मा गांधी अस्पताल के चिकित्सकों ने नया कारनामा कर दिखाया है. अस्पताल के आर्थोपेडिक विभाग ने जैसलमेर के पिथौराई गांव निवासी 40 वर्षीय धाई देवी की कंधे की रिवर्स शोल्डर रिप्लेसमेंट सर्जरी कर उन्हें राहत दिलाई है.

धाई देवी ने बताया कि बचपन में ऊंट से लात मारने से कंधे में चोट लगी थी, जिसका इलाज उस समय देसी पहलवान ने किया था. लेकिन हड्डी ठीक से नहीं जुड़ने के कारण कम उम्र में ही कंधे के जोड़ का आर्थराइटिस हो गया. इसकी वजह से पिछले एक-दो वर्ष से कंधे में दर्द रहने लगा व कंधे का मूवमेंट भी कम हो गया था. इस कारण वो दर्द से कराह उठी. जिसके बाद चिकित्सकों ने तुरंत उनका उपचार करते हुए उन्हें दर्द से राहत दिलाई.

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डॉक्टरों ने उपचार से महिला को किया ठीक 
महात्मा गांधी अस्पताल के डॉक्टर हेमंत जैन का कहना है कि जैसलमेर की रहने वाली 40 वर्षीय महिला लंबे समय से अपने दर्द से परेशान थीं. उपचार के दौरान कुछ जांच कराई गई जिसमें एक्स-रे में मरीज के कंधे में बहुत ज्यादा आर्थराइटिस का पता चला. एमआरआई व सीटी स्कैन के बाद उनकी रिवर्स शोल्डर रिप्लेसमेंट सर्जरी प्लान की गई. इस तकनीक में कंधे की बॉल को अंदर की तरफ बना दिया जाता है व सॉकीट बाहर की तरफ कंधे के रिप्लेसमेंट में यह सबसे आधुनिक तकनीक है.

इसमें कंधे की चाल पुनः पूरी आने की सबसे अधिक संभावना रहती है. इस सर्जरी में यूनिट हेड डॉ. किशोर रायचंदानी के नेतृत्व में डॉ. हेमंत जैन, डॉ. नरोत्तम और डॉ. गौरव की टीम ने रिवर्स शोल्डर रिप्लेसमेंट सर्जरी की सर्जरी के बाद मरीज को चार हफ्ते तक आर्म स्लीगं में बांध कर रखा जाएगा. इसके बाद धीरे-धीरे कंधे को व्यायाम करवा कर दो माह में पूरा मूवमेंट करवाया जाएगा.

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