बढ़ा हुआ यूरिक एसिड डेली रूटीन में खड़ी कर सकता है परेशानी, ये 5 जड़ी बूटियों से लेवल होगा कम

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हाइलाइट्स

खून में यूरिक एसिड की मात्रा के बढ़ने को हाइपरयूरिसीमिया कहा जाता है.
बढे हुए यूरिक एसिड लेवल को कम करने में त्रिफला, गिलोय, नीम, करेला, हल्दी आदि को फायदेमंद माना गया है.
यूरिक लेवल को सही बनाये रखने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है.

How to Control Uric Acid: यूरिक एसिड खून में पाया जाने वाला एक वेस्ट प्रोडक्ट है. यह एसिड तब बनता है, जब कंपाउंड्स जैसे प्यूरीन्स मेटाबॉलाइज्ड होते हैं. सामान्य स्थितियों में यूरिक एसिड किडनी और यूरिन के माध्यम से पास हो जाता है. लेकिन, जब हम प्यूरिन युक्त चीजों का अधिक सेवन करते हैं तो शरीर में इस एसिड का लेवल बढ़ जाता है.

हेल्थलाइन की मानें तो यूरिक एसिड के बढ़ जाने से गठिया होने की संभावना अधिक हो जाती है. बढे हुए यूरिक एसिड के को कम करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाना बेहद जरूरी है. लेकिन, कुछ जड़ी बूटियों को भी इस स्तर को कम करने के लिए फायदेमंद माना गया है. आईये जानें कौन सी हैं वो जड़ी बूटियां जिन्हें यूरिक एसिड के बढ़ने यानी हाइपरयूरिसीमिया की स्थिति में लाभदायक माना गया है.

त्रिफला (Triphala): त्रिफला का अर्थ है तीन फल यानी बहेड़ा (Bibhitaki), आमलकी (Amalaki) और हरीतकी (Haritaki). यह तीनों फल बेहद गुणकारी माने जाते हैं. ऐसा माना जाता है कि इनमें एंटी-इंफ्लेमेरटरी प्रॉपर्टीज होती है, जो बढ़े हुए यूरिक एसिड को कम करने में फायदेमंद हैं.

गिलोय (Giloy): गिलोय को आयुर्वेदा में सबसे सामान्य इस्तेमाल किया जाता है. इसकी मेडिसिनल प्रॉपर्टीज के कारण इसे कई स्वास्थ्य समस्याओं में लाभदायक माना गया है. ऐसा भी पाया गया है कि शरीर में यूरिक एसिड के लेवल को सही बनाये रखने में यह प्रभावी है. इसके दर्द से छुटकारा दिलाने और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण

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इस स्थिति में लाभदायक पाए गए हैं.

नीम (Neem): नीम का इस्तेमाल भी जड़ी बूटी के रूप में कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में इस्तेमाल किया जाता है. इसके गुणों के कारण यूरिक एसिड के लेवल को कम करने में तो इसे फायदेमंद माना ही गया है, इसके साथ ही यह पेट के लिए भी बेहद बेनेफिशियल है.

करेला (Bitter gourd): स्वास्थ्य के लिए करेले को भी बहुत गुणकारी माना गया है. ऐसा माना जाता है कि इससे खून साफ होता है, इम्युनिटी बढ़ती है और त्वचा के लिए भी यह फायदेमंद है. ऐसे ही गठिया के उपचार में भी इसकी सलाह दी जाती है. हालांकि, इसका कोई भी साइंटिफिक एविडेंस मौजूद नहीं है कि इसके इस्तेमाल से यूरिक एसिड लेवल कम होता है या गठिया का उपचार होता है.

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हल्दी (Turmeric): हल्दी हर भारतीय किचन में पाया जाने वाला सबसे सामान्य मसाला है. लेकिन, इसके ढेरों औषधीय गुण है. उन्हीं में से एक यह है कि यह हर्ब शरीर में यूरिक एसिड लेवल को सही बनाये रखने में मदद करती है. आप इसका सेवन सब्जी, सूप आदि में ड़ाल कर आसानी से कर सकते हैं.

बढ़े हुए यूरिक एसिड के लेवल को कम करने के लिए सबसे जरुरी है रोगी का अपने लाइफस्टाइल को सही बनाना. इसके लिए रोजाना व्यायाम करें और सही आहार का सेवन करें. इससे आपको हेल्दी रहने में भी मदद मिलेगी.

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