भारत में बिकने वाले सभी स्मार्ट डिवाइसों के लिए अनिवार्य होगा यूएसबी-सी चार्जर, ई-कचरे में आएगी कमी

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हाइलाइट्स

भारत में बिकने वाले सभी स्मार्ट डिवाइसों के लिए यूएसबी-सी चार्जर अनिवार्य होगा.
बुधवार को सरकार और सभी हितधारकों के बीच हुई बैठक में यह फैसला लिया गया.
इसके साथ ही कन्ज्यूमर को हर डिवाइस के लिए अलग चार्जर की जरूरत नहीं होगी.

नई दिल्ली. उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत सभी स्मार्ट डिवाइसों के लिए एक कॉमन चार्जिंग पोर्ट के रूप में USB-C type चार्जर अपनाएगा. सरकार और स्टैकहॉल्डर्स के बीच हुई बैठक में सभी कम्पैटिबल स्मार्ट डिवाइसों के लिए चार्जिंग पोर्ट को स्टैंडराइज करने के लिए व्यापक विचार-विमर्श हुआ. हालांकि, बैठक में कम लागत वाले फीचर फोन के लिए चार्जर पर कोई फैसला नहीं लिया गया है. इसके साथ ही यूनिवर्सल चार्जर के आने के बाद कन्ज्यूमर को अब हर बार नया डिवाइस खरीदने पर अलग चार्जर की जरूरत नहीं होगी. इसके अलावा, इस कदम से भारी मात्रा में ई-कचरा भी कम होगा.

भारत में इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट मैनेजमेंट ASSOCHAM-EY की रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में भारत द्वारा चीन और अमेरिका के बाद सबसे अधिक ई-कचरा उत्पन्न होने का अनुमान लगाया है. बता दें कि इस बैठक में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-कानपुर, महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, भारतीय उद्योग परिसंघ, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.

यूएसबी टाइप-सी को चार्जिंग पोर्ट पर सहमति
बैठक को लेकर कुमार सिंह ने कहा बैठक के दौरान, स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए यूएसबी टाइप-सी को चार्जिंग पोर्ट के रूप में अपनाने पर हितधारकों के बीच व्यापक सहमति बनी. इसके अलावा बैठक में यह विचार-विमर्श किया गया था कि फीचर फोन के लिए एक अलग चार्जिंग पोर्ट अपनाया जाए. उन्होंने कहा कि कई देश एक स्टैंटडर्ड चार्जिंग डिवाइस और पोर्ट की ओर बढ़ रही हैं. यूरोपियन यूनियन भी सभी डिवाइस के लिए यूएसबी-सी पोर्ट को स्टैंडर्ड बनाना चाहता है.

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यूरोपियन यूनियन ने पारित किया कानून
7 जून को ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार यूरोपियन यूनियन ने 2024 के मध्य तक वायर्ड चार्जिंग के लिए यूएसबी-सी पोर्ट अपनाने के लिए ऐपल आईफोन सहित स्मार्टफोन की आवश्यकता वाला अस्थायी कानून पारित किया था. वहीं, एक दूसरे अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि भारत के लिए एक चिंता यह है कि एक बार यूरोपीय संघ के बदलाव के बाद अप्रचलित फोन और डिवाइस यहां डंप किए जा सकते हैं.

ई-कचरे को रोकें
इस बीच उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने स्मार्ट वॉच जैसे वियरेबल डिवाइस के लिए भी कॉमन चार्जिंग पोर्ट की feasibility की जांच करने के लिए एक सब- ग्रुप भी बनाया है. अधिकारी ने कहा कि कन्जयूमर वेलफेयर के लिए कंपनियों कों एक कॉमन चार्जिंग पोर्ट को अपनाना और ई-कचरे को खत्म करने के लिए आगे आना चाहिए.

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