राजस्थान पुलिस की कारस्तानी: मनोरोगी को ही भिजवा दिया जेल, इनाम भी ले लिया, यूं खुली पोल

0
15

हाइलाइट्स

सवाई माधोपुर के मानटाउन थाना पुलिस की कारस्तानी
बैंक के एटीएम में चोरी के प्रयास में पकड़ा था मनोरोगी को
आईजी ने पुलिसकर्मियों को 5 हजार और एसपी ने 1 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की

सवाई माधोपुर. राजस्थान में एक बार फिर से पुलिस (Police) का बड़ा कारनामा  सामने आया है. सवाई माधोपुर की मानटाउन थाना पुलिस ने एटीएम में चोरी के प्रयास के एक मामले में मनोरोगी (Psychopath) को पकड़ कर जेल भिजवा दिया. बाद में इसका इनाम भी ले लिया. लेकिन पुलिस की यह करतूत उस पर ही भारी पड़ गई. अब यह मामला पुलिस के लिए गले की फांस बन गया है. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मानटाउन थानाधिकारी और अन्य जिम्मेदार पुलिसकर्मियों खिलाफ कठोर कार्रवाई के आदेश दिए हैं.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा ने बताया कि बीते 5 नवंबर की रात पुलिस की गश्ती गाड़ी चेतक -2 (पीसीआर वैन) के जाप्ते ने मानटाउन थाना इलाके में स्थित सिविल लाइन के पास आईडीबीआई के एटीएम में छेड़छाड़ करते एक व्यक्ति को पकड़ा था. पुलिस ने यह कार्रवाई बैंक के मुंबई स्थित मुख्यालय से मिले अलर्ट पर की थी. कार्रवाई के बाद रेंज आइजी ने चेतक प्रभारी एएसआई दशरथ और पांच अन्य पुलिसकर्मियों को पांच हजार और एसपी ने एक हजार रुपये का रिवॉर्ड देने की घोषणा की.

सीजेएम ने की तल्ख टिप्पणी
पुलिस ने आरोपी को 6 नवंबर को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत की अर्जी पेश की. इस पर कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया. थानाधिकारी मानटाउन ने 9 नवंबर को संबंधित कोर्ट में अर्जी पेश कर कहा कि आरोपी मनोरोगी है लिहाजा उसे रिहाई दी जाए. कोर्ट ने 10 नवंबर को रिहाई के आदेश के साथ इसकी प्रति मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को प्रेषित की. मामले में सीजेएम अशोक सैन ने 11 नवंबर को तल्ख टिप्पणी करते हुए इस मामले को पुलिस का फटकार लगाई. उन्होंने आदेश में लिखा कि मौके पर ही संबंधित व्यक्ति मानसिक रोगी प्रतीत हो रहा था.

पुलिस की अर्जी पर कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया
आईओ हरसुख ने 6 नवंबर को पहले जनरल अस्पताल में मेडिकल ज्यूरिष्ट के यहां उसे पेश किया. वहां ड्यूटी डॉक्टर ने बताया कि मनोचिकित्सक गौरव दोपहर बाद आएंगे. उसके बाद आईओ ने बिना जांच के ही आरोपी को कोर्ट में पेश कर दिया. पुलिस की अर्जी पर कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इसके बाद आईओ ने आरोपी का मनोचिकित्सक से परीक्षण कराया.

पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई करने के आदेश
डॉक्टर ने आरोपी को मनोरोगी बताया और उपचार की आवश्यकता जताई. आईओ ने यह तथ्य कोर्ट को बताए बिना आरोपी को जेल में दाखिल करा दिया. इसे कोर्ट ने गंभीर लापरवाही मानी है. आदेश में यह भी लिखा कि पुलिसकर्मियों को इनाम भी भी दिया गया है. सीजेएम ने डीजीपी को मानटाउन थानाधिकारी और अन्य दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं.

Tags: Crime News, Rajasthan news, Rajasthan police, Sawai madhopur news