विदेशी परिंदों से गुलजार होने लगे मेवाड़ के जलाशय, पक्षी मित्रों की यह मुहिम ला रही रंग

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रिपोर्ट: निशा राठौड़

उदयपुर. सर्दियों की शुरुआत के साथ ही मेवाड़ क्षेत्र के जलाशयों में विदेशी प्रवासी परिंदों का आना शुरू हो गया है. साल के 4 महीने यह प्रवासी पक्षी हजारों किलोमीटर की यात्रा करके मेवाड़ के इन जलाशयों में अपना बसेरा करने पहुंचते हैं. उदयपुर के करीब 4 जलाशय ऐसे हैं, जिन्हें ग्रामीणों ने इन परिंदो के लिए आरक्षित कर रखा है. यूरोपियन देशों में सर्दी अधिक होने की वजह से यह पक्षी यहां पहुंचते हैं. हर साल इनकी संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है. अभी करीब 150 प्रकार की पक्षियों की प्रजातियां पहुंच रही हैं.

खुशी की बात यह है कि ये चारों तालाब ग्रामीण पक्षी मित्रों द्वारा पक्षियों के लिए संरक्षित हैं. ग्रामीणों के द्वारा संरक्षण किए जाने के कारण यह क्षेत्र जैव विविधता से भरपूर दिखाई देता है. देश-प्रदेश का यह अनूठा उदाहरण होगा कि पक्षियों की संख्या को देखकर उनके उपयोग के लिए ही इन तालाबों से ग्रामीण काश्तकार सिंचाई के लिए न तो पानी लेते हैं और न ही किसी को लेने देते हैं. इतना ही नहीं गर्मियों में इस तालाब का पानी जब सूखने लगता है, तो मछलियों और पक्षियों को बचाने के लिए ग्रामीण टेंकरों के माध्यम से तालाब में पानी भरते हैं. बता दें कि परिंदों के स्वर्ग के रूप में उदयपुर से 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मेनार गांव के ब्रहम और धण्ड तालाब, 85 किलोमीटर दूरी पर बड़वई और 90 किलोमीटर दूरी पर किशन करेरी गांव के तालाब अनुकरणीय आदर्श बने हुए हैं. ये जलाशय इन दिनों हजारों पक्षियों से गुलजार हो रहे हैं.

आपके शहर से (उदयपुर)

पर्यावरण एवं पक्षी प्रेमी डॉ. कमलेश शर्मा ने बताया कि यूरोपियन देशों में सर्दी अधिक होने की वजह से पक्षी भोजन और अनुकूल वातावरण की तलाश में मेवाड़ क्षेत्र की ओर अग्रसर होते हैं. हर साल यहां आने वाले परिंदों की संख्या बढ़ने लगी है.

उदयपुर बना 150 से अधिक प्रजातियों की आश्रय स्थली
उदयपुर के पक्षी विशेषज्ञ विनय दवे के अनुसार, इस समय इन जलाशयों में 150 से अधिक प्रजातियों के लगभग हजारों स्थानीय और प्रवासी पक्षी हैं. इन पक्षियों में रोजी पेलिकन, डालमेशियन पेलिकन, बार हेडेड गूज, ग्रे-लेग गूज, ग्रेट क्रस्टेड ग्रीब, मार्श हेरियर, कॉमन क्रेन, सुर्खाब के साथ ही रफ, गोडविट, शॉवलर, पिनटेल, यूरेशियन विजन, कॉमन पोचार्ड, टफटेड पोचार्ड, रेड क्रस्टेड पोचार्ड, गेडवाल, फ्लेमिंगो, कॉमन टील, वेगटेल, ग्रीन शेंक, रेड शेंक, रिंग प्लोवर, प्रोटोनिकॉल, लिटील स्टींट, विस्कर्ड टर्न आदि शामिल हैं.

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