शराब नहीं पीते, फिर भी हैं फैटी लिवर डिजीज के शिकार, जानें क्या कहती है NAFLD पर हुई स्टडी

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What is Fatty Liver Disease: मौजूदा समय में लिवर संबंधी कई बीमारिया तेजी से सामने आ रही हैं. ऐसी ही एक बीमारी है नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज. अगर आप शराब का सेवन करते हैं तो आपके लिवर डैमेज होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि नॉन एल्कोहॉलिक फैटी डिजीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें लिवर शराब की जगह कुछ अन्य कारणों से खराब होता है. जी हां अगर आप सोचते हैं कि हम शराब नहीं पीते तो हमारा लिवर ठीक रहेगा तो ऐसा नहीं है. यानी शराब पीने के कारण तो लिवर की समस्या हो ही सकती है, लेकिन ये भी जरूरी नहीं है कि आप शराब का सेवन नहीं करते तो भी आपका लिवर फिट हो. तो चलिए आपको बताते हैं नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज के बारे में-

पिछले कुछ सालों में बदले खान-पान और लाइफ स्टाइल के चलते यह समस्या तेजी से पनपनी है. टाइप 2 डायबिटीज, ब्लड प्रेशर की समस्या और मोटापा भी आपके लिवर को उतना ही नुकसान पहुंचा सकते हैं जितना कि शराब का सेवन. सीजीएच जर्नल के मुताबिक नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज पर हुई एक स्टडी में दावा किया गया है कि इसका संबंध अत्यधिक मीठे और बेवरेज से भी है. फ्रामिंघम हार्ट स्टडी के अनुसार- ज्यादा मात्रा में सोडा या शुगर युक्त बेवरेज के सेवन के चलते शराब ना पीने से भी लिवर की समस्या हो सकती है.

नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज पर हुई स्टडी में बताया गया है कि यह क्या समस्या है और इसके पीछे के क्या कारण हैं, चलिए आपको बताते हैं-

क्या है नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज?
नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज यानी (NAFLD) उन लोगों में पनपने वाली समस्या है जो शराब का सेवन ना के बराबर करते. इस स्थिति में व्यक्ति के लिवर में अतिरिक्त मात्रा में चर्बी जमा हो जाती है, जिसके चलते लिवर खराब होने लगता है. इससे लिवर के डैमेज होने का भी खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है. इसी स्थिति को कहते हैं नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज.

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नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज के लक्षण
सामान्य तौर पर नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज के कोई खास लक्षण नहीं होते, लेकिन कभी-कभी थकान, पेट के ऊपर दाहिने तरफ दर्द, बैचेनी, मरोड़ जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं. ऐसी दिक्कतें होने पर एक्सपर्ट से जरूर सलाह लें. कई बार त्वचा में नसों का फूलना, हथेली का लाल होना भी नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज का संकेत होता है.

नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज के कारण
कुछ लोगों में नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज, लिवर में ज्यादा मात्रा में फैट जमा होने के कारण होता है, हालांकि कुछ लोगों में इसकी दूसरी वजह भी हो जा सकती है. इसके मुख्य कारण- मोटापा या अधिक वजन, खून में फैट का हाई लेवल, हाई ब्लड शुगर लेवल, इंसुलिन रेजिस्टेंस ऐसी स्थिति जिसमें सेल्स हार्मोन इंसुलिन के जवाब में शुगर नहीं बनाते, हो सकते हैं.

कब करें डॉक्टर से संपर्क
थकान, पेट के ऊपर दाहिने तरफ दर्द जैसी स्थिति ज्यादा समय तक जैसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करें. जरूरी जांच कराएं और डॉक्टर द्वारा बताए इलाज को फॉलो करें.

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