स्थापना दिवस पर झारखंड को मिली 7000 करोड़ की की सौगात, नहीं शामिल हुए राज्यपाल रमेश बैस

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हाइलाइट्स

मोरहाबादी मैदान में झारखंड का स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया.
7 हजार करोड़ की 369 योजनाओं का शिलान्यास और उदघाटन भी किया गया.

रांची. रांची के मोरहाबादी मैदान में झारखंड का स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में राज्यपाल रमेश बैस नहीं पहुंचे. इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कार्यक्रम भी अपरिहार्य कारणों से स्थगित हो गया था. स्थापना दिवस समारोह के मौके पर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने कई नई योजनाओं की सौगात राज्य की जनता को दी है. इसके साथ 7 हजार करोड़ की 369 योजनाओं का शिलान्यास और उदघाटन भी किया गया.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस मौके पर कहा कि अब तक राज्य भगवान भरोसे था, अब जनता का आशीर्वाद रहा तो राज्य अपनी खुद की ताकत के बूते खड़ा होगा. 15 नवंबर साल 2000 को नये राज्य के तौर पर अस्तित्व में आने वाला झारखंड अब 22 साल का हो चुका है. रांची के मोरहाबादी मैदान में राज्य स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया. हालांकि ये आयोजन राज्यपाल रमेश बैस के समारोह में नहीं पहुंचने की वजह से भविष्य की राजनीति को लेकर चर्चा में आ गया है  लेकिन फिर भी स्थापना दिवस के मौके पर सौगातों की बारिश हुई.

कुछ नई योजनाएं- कुछ नई नीति और 7 हजार करोड़ से अधिक की राशि का शिलान्यास और उदघाटन ने इस समारोह को खास बना दिया . मंच से भी सरकार के काम काज और योजनाओं को लेकर तारीफों के पुल बांधे गए .

आपके शहर से (रांची)

झारखंड स्थापना दिवस प्रदेश को मिली ये सौगातें 

झारखंड विधुत वाहन नीति – 2022

झारखंड इथेनॉल उत्पाद प्रोत्साहन नीति – 2022

झारखंड औधोगिक पार्क एंड लॉजिस्टिक नीति – 2022

गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना

एकलव्य प्रशिक्षण योजना

मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना

मुख्यमंत्री सूखा राहत योजना

झारखंड अभियंत्रण सेवा अंतर्गत नवनियुक्त 609 अभियंता को नियुक्ति पत्र

नगर विकास एवं आवास विभाग अंतर्गत 16  लेखा पदाधिकारी को नियुक्ति पत्र

रिम्स रांची अंतर्गत 320 नर्स को नियुक्ति पत्र

शिलान्यास और उदघाटन का ब्यौरा 

5 हजार 4 सौ 33 करोड़ 24 लाख की 147 योजनाओं का शिलान्यास

1 हजार 8 सौ 76 करोड़ 34 लाख की 222 योजना का उदघाटन

कुल – 369 योजनाओं का शिलान्यास और उदघाटन

कुल – 7 हजार 3 सौ 9 करोड़ 58 लाख रुपया की योजना का सौगात

कुल 22 लाख 85 हजार 487 लाभुकों के बीच परिसंपत्ति का वितरण

कुल 2 हजार 6 करोड़ 61 लाख रुपया की परिसंपत्ति का वितरण

राज्यपाल रमेश बैस के नहीं पहुंचने की होती रही चर्चा 

स्थापना दिवस समारोह में राज्यपाल रमेश बैस के नहीं पहुंचने को लेकर सीधे तौर पर भले ही निशाना साधने से वक्त बचते रहे , पर कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय ने जनता के द्वारा चुनी हुई सरकार को परेशान करने और काम करने से रोकने का आरोप जरूर मढ़ दिया . वो यहीं तक नहीं रुके उन्होंने कहा कि तमाम अड़चनों के बावजूद भी 1932 खतियान , OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण , सरना धर्म कोड सहित कई निर्णय ले चुकी है .

पढ़ें सीएम हेमंत सोरेन का संबोधन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन की शुरुआत अलग राज्य निर्माण के संघर्ष से की. हेमंत सोरेन ने कहा कि ये खनिज संपदाओं से भरा पूरा प्रदेश ही नहीं , वीर सपूतों के बलिदान की धरती भी है. 22 साल में कितनी सरकारें आई और चली गई , लेकिन राज्य की जनता का भला नहीं हुआ. 2019 में बहुमत वाली सरकार बनी तो 5 साल के लिये विकास का खाका तैयार किया था, पर पहले कोरोना का काला, फिर सुखाड़ से सामना हुआ. अब तक राज्य भगवान भरोसे चल रहा था. अगर जनता का आशीर्वाद बना रहा तो खुद की ताकत के भरोसे राज्य भविष्य में खड़ा नजर आएगा. आपकी योजना-आपकी सरकार- आपके द्वार कार्यक्रम में 54 लख आवेदन का आना ये दर्शाता है कि गांव में कितनी समस्या है .

झारखंड के अण्डोलंकारियों के लिये आज का दिन खास है. अलग राज्य का सपना साकार तो हुआ पर जिन उद्देश्यों के साथ अलग राज्य का गठन हुआ था, वो आज भी अधूरा है. आज भी सरकार की योजनाओं का गांव के लोगों को इंतजार है. आज भी शिक्षा – स्वास्थ्य सहित बुनियादी बदलाव का जनता को इंतजार है.

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