Famous Paan: वाह! मंदिर की घंटी बजाओ पान पाओ…151 तरह के पान खिलाते हैं राजा बाबू

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रिपोर्ट- रवि पायक

भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा शहर में जय बजरंगबली पान की एक ऐसी दुकान है जहां की खासियत ही निराली है. यह सिर्फ एक पान की दुकान ही नहीं है बल्कि इस दुकान में हनुमान जी का मंदिर भी स्थापित है. जितना शायराना अंदाज इस पान की दुकान के मालिक राजा बाबू का है उतना ही इनके पान खिलाने का तरीका भी यूनिक है. एक और खास बात ये है कि यहां पर आने वाले प्रत्येक ग्राहक को बजरंगबली के मंदिर की घंटी बजाने के बाद पान खिलाया जाता है.

दुकान पर मिलते हैं 151 तरह के पान
इस पान की दुकान में 151 तरह के अलग-अलग प्रकार के पान मिलते हैं जो भीलवाड़ा ही नहीं प्रदेश के बाहर भी फेमस है. दूर-दूर से इनके पास लोग पान खाने के लिए पहुंचते हैं. कहने को तो राजा बाबू का सपना एक सिंगर बनना था, मगर पिता के कहने पर उन्होंने पान की दुकान लगा ली. मगर इनके गाना गाने का और शेरो शायरी का शौक अभी तक नहीं गया.

क्या कहते हैं राजा बाबू 
राजा बाबू का कहना है कि ”पान की दुकान में घंटी बजाने के पीछे उद्देश्य यही है कि इससे भगवान भी खुश हो जाए और ग्राहक भी. आज से लगभग 36 साल पहले मेरी बुआ ने 45 रुपए दिये थे. जिसके बाद मेरी मां और मैंने एक ठेला लगाया था. जिसमें मैंने पीछे हनुमान जी की तस्वीर लगा दी. जिसके बाद से मुझे कभी पीछे मुड़ कर देखने का मौका नहीं मिला और उसके बाद से हमारा काम बढ़ता गया. बालाजी की कृपा से काम बढ़ता गया. इसलिए मैंने निर्णय लेकर दुकान में ही मंदिर की स्थापना कर दी. जिसके बाद यहां पर रोजाना पूजा-पाठ और भगवान के आरती होती है. हमारे यहां पर 151 तरह के पान मिलते हैं जिसमें राम प्यारी, श्याम प्यारी और चॉकलेट पान और अंगारा पान बहुत ही फेमस है जिन्हें खाने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं.”

क्या कहते हैं ग्राहक
वहीं दूसरी तरफ ग्राहक का कहना है कि जय बजरंगबली पान वाले का पान इतना रोचक है कि शायराना अंदाज से पान बनाते और खिलाते हैं. पान खिलाने से पहले मंदिर की घंटी बजाते हैं और जय सियाराम बोलते हैं. मैं इनके यहां पर लगभग 10 सालों से आ रहा हूं और यहां पर दूर – दूर से लोग पान खाने के लिए भी आते हैं.

राजा बाबू का कहना है कि ”वैसे तो मेरा सपना सिंगर बनने का था और इसको लेकर मैं एक बार घर से भागकर दिल्ली भी गया और मैंने ऑडिशन के दौरान गीत भी गाया. मगर पारिवारिक परिस्थितियों के कारण मेरे पिताजी ने मुझे दो लोटे थमा दिये और कहा कि पान बनाने का काम शुरू करना है. फिर भी मैं अपना शौक पूरा करने के लिए कभी-कभी गाना गा लेता हूं और शायराना अंदाज से लोगों को पान खिलाता हूं.”

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