Good News: कृत्यानंद नगर मॉडल को जिले सहित पूरे राज्य में किया जाएगा, 10 चरणों में होगा पूरा

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विक्रम झा/पूर्णिया. संवर्धन कार्यक्रम के तहत 90% अति कुपोषित बच्चों को ठीक किया जा सकता है उक्त बातें पोषण अभियान के जिला समन्वयक देवाशीष घोष ने कही. दरअसल वर्ष 2019 में राज्य का पहला मॉडल पूर्णिया के कृत्यानंद नगर में लागू किया गया था जिसको जिले सहित पूरे राज्य में लागू किया जाएगा क्योंकि संवर्धन कार्यक्रम के तहत समुदाय आधारित देखभाल से कुपोषित बच्चों में सुधार व कुपोषण से होने वाली मृत्यु की संभावना बहुत कम होती है. अब इसको जिले सहित पूरे राज्य में लागू करने की तैयारी है.

यूनिसेफ की ओर से प्रशिक्षक के रूप में सुपर्णा रहा है. वह बृंदा किराडू डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय विश्वविद्यालय पूसा के और से मेघा सिंह ज्योति कुमारी बीजी शिरके धर्मेंद्र रस्तोगी व यूनिसेफ के तनुज कौशिक सहित जिले के कस्बा जलालगढ़ अमोर बायसी बाईसा एवं श्रीनगर प्रखंड की सीडीपीओ बीएचएम बीसीएम एवं संबंधित प्रखंडों की एक-एक महिला पर्यवेक्षक एवं आंगनवाड़ी सेविका उपस्थित थे.

जिला समन्वयक ने कहा संवर्धन कार्यक्रम से अति कुपोषित बच्चे हो सकते हैं ठीक
जानकारी देते हुए जिला समन्वयक देवाशीष घोष ने बताया कि अति गंभीर कुपोषित बच्चों को स्वास्थ्य और स्वस्थ करने के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र एनआरसी में भेजा जाता है लेकिन वर्तमान समय में 10% ही अति गंभीर कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भेजने की आवश्यकता होती है हालांकि 90% बच्चे समुदाय आधारित देखभाल से ही पूरी तरह से स्वस्थ हो जाते। जिसको लेकर संवर्धन कार्यक्रम की शुरुआत की गई जिसमें अति गंभीर कुपोषित बच्चों को समुदाय आधारित देखभाल की जाएगी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वेस्टिंग लंबाई के अनुसार वजन की पहचान रोकथाम प्रबंधन और बच्चों के भोजन की गुणवत्ता को बढ़ाना है संवर्धन कार्यक्रम 5 चरणों में आगे बढ़ेगा जिसमें कार्यक्रम का जिला स्तरीय शुभारंभ क्षमता वर्धन प्रशिक्षण दवाओं एवं लॉजिस्टिक की व्यवस्था चयनित आंगनवाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम का क्रियान्वयन तथा कार्यक्रम का प्रवचन रिपोर्टिंग एवं समीक्षा को भी किया जाएगा शामिल

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संवर्धन कार्यक्रम को 10 चरणों में किया जाएगा संपादित
संवर्धन कार्यक्रम को कुल 10 चरणों में संपादित किया जाएगा जिसमें सामुदायिक मोबाइल लेजर्सन एवं सभी बच्चों को पोषण स्थिति का आकलन चिकित्सीय जांच भूख की जांच अति गंभीर कुपोषित बच्चों के प्रबंधन के तरीके दवाइयां पोषण स्वास्थ्य शिक्षा संवर्धन कार्यक्रम के दौरान पोषण की निगरानी संवर्धन कार्यक्रम से छुट्टी देने के बाद फॉलोअप शामिल है साथ ही समुदाय आधारित देखभाल को मजबूती देने के लिए आरोग्य दिवस घर पर बच्चों की देखभाल एवं गिरी भ्रमण में सेविका एवं आशा द्वारा दी जाने वाली परामर्श को मजबूत किया जाएगा

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