Measles symptoms: मुंबई में खसरा से हड़कंप, इन लक्षणों को पहचान कर खतरनाक बीमारी से अपने बच्चे को बचाएं

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हाइलाइट्स

खसरे का लक्षण बच्चों में 10 से 14 दिनों के बाद दिखने लगता है
खसरा की बीमारी गंभीर होने पर बच्चे में डायरिया और उल्टी भी हो सकती है

Measles outbreak:मीजल्स या खसरा बचपन में होने वाली एक संक्रामक बीमारी है. इसे रूबेला (Rubeola) भी कहा जाता है. खसरा मासूम बच्चों को अपनी चपेट में लेता है जिसमें बच्चों को बुखार, नाक बहना और चेहरे पर लाल चकत्ते निकल आते हैं. बच्चा बहुत परेशान हो जाता है. खसरे या मीजल्स को वैक्सीन के माध्यम से खत्म करने की बहुत कोशिश हो रही है लेकिन अब तक यह बच्चों में होता है. चूंकि यह इंफेक्शन डिजीज है, इसलिए एक बच्चे से दूसरे बच्चे में खसरा संक्रमित भी हो जाता है. मुंबई में इन दिनों खसरा का प्रकोप बढ़ गया जिसकी चपेट में कम से कम 200 बच्चे आ गए. समय पर अगर खसरे का इलाज न किया जाए तो इससे मौत भी हो सकती है. वैक्सीन के माध्यम से खसरा को बच्चों में फैलने से रोकने की पूरी दुनिया में व्यवस्था की जा रही है लेकिन सच्चाई यह है आज भी हर साल 2 लाख बच्चों की मौत खसरे से हो जाती है. हालांकि खसरे की बीमारी वयस्कों में भी हो सकती है.

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खसरा के लक्षण Symptoms of Measles or Rubeola
मायो क्लिनिक के मुताबिक मीजल्स एक वायरल बीमारी है. खसरे का लक्षण बच्चों में 10 से 14 दिनों के बाद दिखने लगता है. इसमें बच्चे को बुखार लग जाता है. बच्चा सूखी खांसी करता है. इसके साथ ही नाक से लगातार पानी बहने लगता है और गला सूखने लगता है. वहीं आंखों में सूजन आ जाती है जिसे कंजक्टिवाइटिस कहते है. इसकी सबसे प्रमुख पहचान है कि बच्चे के चेहरे पर गहरा लाल रंग बन जाता है और उसमें कई सफेद छोटे-छोटे स्पॉट या चकत्ते दिखने लगते हैं. ये मुंह और गाल के पास सबसे ज्यादा होते हैं. इसे कॉपलिक स्पॉट कहते हैं.

एक से दूसरे में कैसे फैलता है खसरा
अगर किसी बच्चे में खसरा है तो संक्रमण के 8 दिनों बाद यह किसी दूसरे बच्चे को संक्रमित कर सकता है. इस समय तक पहले संक्रमित बच्चे में रेशेज नहीं दिखते हैं. इसके बावजूद इस बच्चे से अन्य बच्चे में खसरा को संक्रमण हो सकता है.

खसरे की जटिलताएं-Complications
खसरा की बीमारी गंभीर होने पर बच्चे में डायरिया और उल्टी भी हो सकती है. इसके अलावा सांस लेने में तकलीफ ब्रोकाइटिस, निमोनिया और एनसिफलाइटिस भी हो सकता है. अगर किसी को प्रीग्नेंसी में खसरा हो जाए (जो कि बहुत मुश्किल से किसी को होता है) तो इससे प्रीमेच्योर बच्चे के पैदा होने का खतरा रहता है.

खसरे से बचाव कैसे किया जाए-Prevention of Measles
12 से 15 महीनों के बीच बच्चे को खसरे का टीका लगा दिया जाता है. इसलिए इसी उम्र के बच्चे को खसरे की बीमारी ज्यादा होती है. इसलिए समय आने पर खसरे का टीका अपने बच्चे को अवश्य लगवाएं. अगर किसी जगह पर खसरे का संक्रमण बढ़ गया है तो अपने बच्चे को आइसोलेट करें. अन्य बच्चों के पास न ले जाएं. हालांकि खसरे की बीमारी को ठीक होने में 7 से 8 दिन का समय लगता है. लेकिन अगर बच्चे में खसरे का लक्षण है तो डॉक्टर के पास अवश्य जाएं. खासकर तब जब आपके आस पास कई बच्चे को मीजल्स की बीमारी लग गई है.

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