Udaipur : क्या हिंदू क्या मुस्लिम, इस दरगाह से जुड़ी है हजारों की आस्था, मुरादें पूरी करते हैं मस्तान बाबा

0
13

उदयपुर. कौमी एकता का प्रतीक मानी जाने वाली उदयपुर शहर की मस्तान बाबा की मजार न सिर्फ मुस्लिम बल्कि हिंदुओं की आस्था का भी केंद्र है. यहां हर दिन हजारों की तादाद में बाबा के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ जुटती है. श्रद्धालुओं को कहना है कि मस्तान बाबा के कई ऐसे चमत्कार है, जिससे सभी बाबा के मुरीद हैं. यहा जो भक्त सच्ची आस्था लेकर दरबार में हाजिरी लगाता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है.

सेकेट्री अब्दुल रशीद ने बताया हजरत मस्तान शाह बाबा की मजार बने करीब 27 वर्ष हो गए हैं. बाबा कहां से उदयपुर पहुंचे थे? इस बारे में किसी को कोई अंदाज़ा नही है लेकिन वह वर्ष 1972 से उदयपुर में निवासरत रहे. वर्ष 1992 तक शहर के आहड़ पुलिया के पास निवास करते थे. उसके बाद शहर के गुलाबबाग में रहते थे. बताया जाता है जब वह गुलाब बाग में रहते थे, तब भी उनके कई अनुयायी थे. उनके देवलोक प्रस्थान के बाद उनकी यह मजार बनाई गई.

यहां आने वाली भक्त सुशीला डागलिया ने बताया करीब 35 सालों से वह बाबा को मानती हैं. जब बाबा जिंदा थे तब से वह बाबा के पास हाजिरी लगाने पहुंचती रहीं. उनकी हर मनोकामना बाबा ने पूरी की. नसीम बानो का कहना है बाबा मस्तान की उनके परिवार पर काफी कृपा रही. आज वह एक समृद्ध परिवार से हैं. जब वह बाबा के पास पहुंचे थे तब उनके रहने खाने का भी कुछ बंदोबस्त नहीं था.

मस्तान बाबा ट्रस्ट के मेंबर मोहम्मद अयूब ने बताया यहां हर दिन हजारों लोग पहुंचते हैं. बाबा सबकी सुनते हैं. जिनकी मुरादें पूरी होती हैं, वे बाबा को भेट चढ़ाने पहुंचते हैं. यहां हिन्दू मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्मो के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है. हर साल उर्स के मौके पर यहां मेले का आयोजन भी किया है.

ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|

FIRST PUBLISHED : November 25, 2022, 15:51 IST